: सरबजीत की रिहाई के सवाल को टाल गए लाहौर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सगीर अहमद कादरी : पाकिस्तान में आए दिन बम धमाके हो रहे हों, मिलिट्री मुख्यालय से कुछ मीटर दूरी पर अलकायदा मुखिया ओसामा बिन लादेन को मार गिराया गया हो, पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ फरार हों, एशिया टाइम्स ऑनलाइन के पाक ब्यूरो चीफ सैयद सलीम शहजाद की हत्या कर लाश लावारिसों की तरह फेंक दी गई हो, ड्रोन हमले में कुख्यात आतंकवादी मारे जा रहे हों या कराची स्थित मेहरान नौसेना एयरबेस पर हुए हमले में सैनिक मारे गए हों, परंतु लाहौर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति सगीर अहमद कादरी के मुताबिक पाकिस्तान में पूरी तरह से अमन और शान्ति है। साथ ही पाक मीडिया को लपेटे में लेते हुए आरोप लगाते हैं पाकिस्तान में दहशतगर्दी मीडिया का दुष्प्रचार है।

जस्टिस कादरी ख्वाजा गरीब नवाज चिश्ती के उर्स में जियारत के लिए आए पाक जायरीन दल के मुखिया हैं। पत्रकारों से मुलाकात में जस्टिस कादरी कहते हैं, पाकिस्तान में कहीं दहशतगर्दी नहीं है। माहौल एकदम शान्त है। किसी तरह का कोई आतंकवाद नहीं है। मुल्क में सब सुकून से रह रहे हैं। हालात सरकार के पूरी तरह नियंत्रण में हैं। पाकिस्तान में आतंकवाद और बदअमनी मीडिया का दुष्प्रचार है। मीडिया ऐसी खबरों को पाकिस्‍तानीबढ़ा-चढ़ाकर कर प्रस्तुत करता है ताकि उनकी खबरें बिके। हालात अच्छे हैं, इसका सबूत देते हुए जस्टिस कादरी कहते हैं पाकिस्तान का माहौल खराब होता तो 454 पाक जायरीन अजमेर कैसे आते?

मीडिया को दोषी ठहराए जाने की बयानबाजी पर जब उनसे ओसामा बिन लादेन समेत अन्य सवाल पूछे गए तो यह कहकर टाल गए कि वे राजनेता नहीं हैं। अगले ही पल उन्होंने अजमेर की जेल में हत्या के आरोप में उम्र कैद भुगत रहे पाक वैज्ञानिक डॉ. खलील चिश्ती की रिहाई की पैरवी करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि वे जिला प्रशासन से निजी स्तर पर बातचीत करेंगे परंतु सरबजीत की रिहाई के सवाल को कुछ नहीं कहना चाहता कहकर टाल गए।

अजमेर से राजेंद्र हाड़ा की रिपोर्ट.