ज्ञान और कल्याण के प्रतीक बाबा साहब अंबेडकर... बाबा साहब अंबेडकर जैसे महापुरूष की जयंती मनाने से अपने आप में गर्वबोध महसूस होता है। अंबेडकर जयंती मनाने में हमें एकदम से डूबना नहीं है, बल्कि बाबा साहब द्वारा बताए गए मार्ग को अनुसरण करना है और उनकी विचारधारा को अनुसरण करने लिए आह्वान करना है। डॉ.अंबेडकर के आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत है। वर्तमान परिवेश में उनका जीवन, विचार और आदर्श अतिप्रासंगिक है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का जन्म मध्य प्रदेश के महू छावनी कस्बे में 14 अप्रैल,1891 को भीमा बाई तथा रामजी की संतान के रूप में हुआ। वे दलित परिवार के महार जाति में जन्म लिए थे। यह वह समय था जब भारतीय समाज पूरी तरह से वर्ण-व्यवस्था के चंगुल में फंसा हुआ था ऐसी स्थिति में एक दलित बालक का संविधान निर्माता बनना तो दूर, पढ़ना और काबिलियत के बल पर अपने लिए एक नई राह का निर्माण किया।

देहरादून। मनुष्य स्वयं तो स्वतंत्रता चाहता है मगर दूसरे को अपने वश में रखना चाहता है। जैसे पालतू बेजुबानों के साथ करता है। बंधन में रखना, उन पर अत्याचार करना, पालतू जानवरों से उनकी क्षमता से अधिक कार्य लेना अपना अधिकार समझता है। यही नहीं जंगली जानवरों पर भी अपना अधिकार जताता है। अपने को सबसे शक्तिशाली जता कर बेजुबानों के आगे दंभ भरने को शायद अपनी फितरत समझता है।

Mudit Mittal : आज नैनीताल हाईकोर्ट ने गंगा नदी को देश की पहली जीवित इकाई के रूप में मान्यता दी है और गंगा-यमुना को जीवित मनुष्य के समान अधिकार देने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद भारत की दोनों महत्वपूर्ण नदियों गंगा और यमुना को अब एक मानव की तरह संविधान की ओर से मुहैया कराए गए सभी अधिकार मिल सकेंगे। कुछ दिनों पहले ही न्यूजीलैंड ने भी अपनी वांगानुई नदी को एक जीवित संस्था के रूप में मान्यता दी थी।

The poem ‘Vande Mataram’ is written by Sh. Bankim Chandra Chatterjee. It literally means ‘I praise thee Mother’ but the translation by Sh. Aurobindo  is rendered as ‘I bow to thee Mother’.  It played a vital role in the Indian independence movement, the first sung in a political context by Sh. Tagore at the 1896 session of the Indian National Congress.  English translation of first two versus by Sh. Arvindo is thus: “Mother, I bow to thee, Rich with thy hurrying streams, bright with orchard gleams, Cool with thy winds of delight, Dark fields waving Mother of might, Mother free.

विक्रमादित्य से योग्यादित्य!

भारतवर्ष के सबसे बड़े प्रान्त उत्तर प्रदेश में अव ‘योगी आदित्य’ यानी
यण् सन्धि करने पर ‘योग्यादित्य’ राज आ गया है। तमाम संदेहों व विभ्रम के
मकड़जाल में नकारात्मक सोच चिन्तनीय है। जबकि वास्तविकता में त्रेतायुग के
रामराज्य के बाद न्यायप्रिय सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन के ही क्रम
में ‘योग्यादित्यराज’ होगा, क्योंकि तीनों कालखण्डों की परिस्थितियां एक
जैसी हैं। कदाचार की पराकाष्टा के बाद सदाचार का प्राकट्य स्वाभाविक
प्रक्रिया प्रतीत होती है।

इलाहाबाद के संगम तट पर अकबर का किला है और किले के अंदर अक्षयवट और सरस्वती कूप है। जिक्र की गई इन दोनों चीजो के बारे में बात की जाये तो ये दोनों चीजे हिंदुधर्म को मानने वालों के लिए बहुत महत्व की चीज है।

अक्षयवट को लेकर मान्यता है कि इस वट के नीचे वनगमन के दौरान भगवान राम ने शयन किया था और उन्हें जब उस पेड़ के नीचे बेहद आराम मिला तो उन्होंने उसे कभी भी नष्ट न होने का वरदान दिया था।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा विधानसभा चुनाव के बाद अब राष्ट्रपति चुनाव की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। क्योंकि में केंद्र में भाजपा पूर्ण प्रचंड बहुमत के साथ है तो स्वभाविक है कि भाजपा जिस व्यक्ति को राष्ट्रपति बनाना चाहेगी वह राष्ट्रपति बन जाएगा। विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिस पर कृपा होगी। यह है हमारे देश की राष्ट्रपति की हैसियत। राष्ट्रपति पद के लिए भाजपा के खेवनहार रहे लाल कृष्ण आडवाणी, उनकी ही टक्कर के नेता रहे मुरली मनोहर जोशी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के नामों की चर्चा जोरों पर है। यह अन्य तंत्रों पर विधायिका का वर्चस्व ही माना जाएगा कि राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद पर राजनीतिक व्यक्ति ही बैठते रहे हैं। वह भी केंद्र सरकार के कृपा पात्र।

एक आदमी की पत्नी मर गयी..

शोकसभा में आए एक दोस्त ने पूछा: कैसे हुआ ये?

आदमी: कुछ नहीं, चाय पी रही थी और अचानक..

दोस्त: वो वाली चायपत्ती बची है क्या?

Dear Sir/Madam,

Me and my 17 ex colleagues sent show cause notice ( pleas find the attached file ) date 12 December 2016 but till date didn't received any reply from them. The present government is concerned about black money then why they are not taking any action against HSBC as please find my RTI to Ministry of Finance and their reply ( RTI to FM ). Similar rti I sent to RBI and IT Dept, RBI replied that 'We do not have any information regarding the assessment made by Tax aothorities.' and got more than 200 replies from IT dept stating that this charge don't have the information.

लखनऊ का एक जोड़ा जब उम्मीद से हुआ तो बड़े हकीम से पूछा कि 'हज़रत, हम बच्चा बा अदब तमीज़ दार चाहते है कोई दवा हो तो दीजिये जिस से बच्चा बा अदब पैदा हो।'

हकीम साहब ने दवा दी।

औरत ने पाबन्दी से इस्तेमाल किया जन्म हुआ तो बच्चे ने बाहर आते ही झुक कर सब बड़े बुजुर्गों को कहा.... 

'आदाब'

सब ख़ुशी से झूम उठे कि वाह! क्या अदबदार औलाद हुई है।

होली अंक के लिए व्यंग्य  ...

एक भइया था । उसकी एक मइया थी, इसीलिए सब लोग उसे मइया वाला भइया पुकारते थे । मइया को अपना भइया बहुत प्यारा था । उसे सदैव अपने आंचल में छुपाये रखना चाहती थी । मगर भइया था बहुत चंचल । घर में तनिक टिकता ही न था । जब मर्जी आती फॉरेन ट्रिप मार आता । मइया वाला भइया था नटखट । साइकिल देख उसका मन मचल उठा । बोला- मइया, साइकिल चाहिये । मैं भी गद्दी पर बैठूंगा । बेटा लॉलीपॉप मांगता तो मां दिला भी देती, साइकिल कहां से  दिलाती । मइया समझाती रही मगर वो न माना । बालहठ ... मइया हो गई मजबूर।

नदी के किनारे पहुंचने के बाद मछली पकड़ने गये आदमी को मालूम पड़ा कि वो मछलियों के लिए चारा लाना तो भूल ही गया। तभी उसने एक छोटे से सांप को वहां से गुज़रते देखा जो अपने मुंह में एक कीड़ा पकड़े हुआ था। आदमी ने सांप को पकड़ा और उसके मुंह से वह कीड़ा छीन लिया।

1. भारत एक ऐसा देश है जो कई स्थानीय भाषाओं द्वारा विभाजित है और एक विदेशी भाषा द्वारा  एकजुट है.

2. भारत में लोग ट्रैफिक सिग्नल की रेड लाइट पर भले ही ना रुकें,लेकिन जाते एक काली बिल्ली रास्ता काट जाए तो हजारों लोग लाइन में खड़े हो जाते हैं.
अब तो लगता है ट्रैफिक पुलिस में भी काली बिल्लियों की भर्ती करनी पड़ेगी.

3. चीन अपनी सरकार की वजह से तरक्की कर रहा है और भारत में तरक्की ना होने का सबसे बड़ा कारण उसकी अपनी सरकारें ही रही हैं.

एच.एल.दुसाध

यूपी विधानसभा चुनाव की विस्मयकारी  विजय के बाद नरेंद्र मोदी के करिश्माई नेतृत्व और अमित शाह की रणनीति की भूरि-भूरि चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है.लोग अब मोदी की तुलना इंदिरा गाँधी से करने लगे हैं.आज उनके करिश्मे से अभिभूत ढेरों लोग अभी से ही उन्हें 2019 लोकसभा चुनाव का विजेता घोषित करने लगे हैं.लेकिन भारी अफ़सोस के साथ कहना पड़ता है कि मोदी की प्रशंसा में पंचमुख राजनीति के पंडितों में कोई भी भाजपा की चौकाने वाली सफलता के पृष्ठ में हेडगेवार की चर्चा नहीं कर रहा है.,जबकि ऐसा किया जाना जरुरी था. .कारण,भाजपा की वर्तमान सफलता मोदी –शाह से बढ़कर हेडगेवारवाद की विजय है.कैसे!इसे जानने के 1925 के दिनों के पन्ने पलटने पड़ेंगे.     

डा. वेद प्रताप वैदिक
अभी नोएडा की पुलिस ने एक ‘बिल्डर बाबा’ को गिरफ्तार किया है। यह बाबा संन्यासी का भेस धारण करके लोगों को ठगता रहा है। इसने सस्ते फ्लैट बेचने के नाम पर करोड़ों रु. की ठगी की है। लगता है, यह बाबा आसाराम और उसके लड़के की तरह भोला है। वरना भारत में बाबा लोगों पर कौन हाथ डाल सकता है? वह बाबा भी क्या बाबा है, जो कानून की गिरफ्त में आ जाए! लोग बाबा का भेस इसीलिए धारण करते हैं कि ठगना आसान हो जाए। इतालवी चिंतक निकोलो मेकियावेली ने अब से 500 साल पहले लिखा था कि दुनिया में बुद्धुओं की लंबी जमात है। वह ठगी जाने के लिए तैयार बैठी रहती है। बस उन्हें कोई ठगने वाला चाहिए।

सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय का सिद्धांत ही मायावती के लिए सुखमयकारी, राजनीतिक शक्ति हासिल करने क लिए अच्छा रहेगा। मनुवाद का अत्यधिक रक्तरंजित विरोध नुकसानकुन है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि रक्तरंजित हिन्दू विरोध से भी मायावती नुकसान में ही रहेगी। इसलिए कि दलित और पिछडों की अधिकतर जातियां और लोग हिन्दुत्व से आज भी जुडे हुए हैं। अत्यधिक और रक्तरंजित हिन्दू विरोध से अगडी और वैश्य जातियां ऐसे भी मायावती के विरोधी रही हैं। मायावती को अब हिन्दुत्व आधारित रक्तरंजित विरोध की राजनीति छोडनी चाहिए।

विष्णुगुप्त