उत्तर प्रदेश की पुलिस हिन्दू वाहिनी की लठैत बन गयी है.... दलितों पर हमले करने वाले सवर्णों को पता है कि मुख्यमंत्री उनके समर्थक हैं...

लखनऊ : रिहाई मंच में महाराजगंज में हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं द्वारा धर्मान्तरण का आरोप लगाकर जबरन चर्च में प्रार्थना रोकने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि हिन्दू युवा वाहिनी के लोग अल्पसंख्यक समुदाय के मौलिक अधिकारों का हनन कर रहे है जिसको बर्दाश्त नही किया जायेगा. मंच ने राजधानी लखनऊ में दलित परिवार के ऊपर हमले और आगरा,प्रतापगढ़ और फिरोजाबाद में पुलिसकर्मियों की हत्या पर टिप्पणी करते हुए कहा कि योगी की कानून व्यवस्था की यही सच्ची तस्वीर है.

रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने बताया की महाराजगंज जिले के कोठीभार क्षेत्र के बिजापार गाँव जिस तरह से हिन्दू युवा वाहिनी के लोगों ने चर्च में जाकर प्रार्थना रोकी इससे साबित होता है कि योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद किस तरह से हिन्दू युवा वाहिनी के गुंडों का मनोबल बढ़ा है. उत्तर प्रदेश की पुलिस को बताना चाहिए की किस अधिकार के चलते हिन्दू युवा वाहिनी के लोग दूसरे धर्मों के धार्मिक आयोजनों में खलल डाल रहे हैं और सिर्फ इस तरह के लोगों की आपत्ति पर उत्तर प्रदेश की पुलिस इस तरह के कार्यक्रमों को क्यों रोक रही है. मंच महासचिव ने कहा कि क्या उत्तर प्रदेश की पुलिस हिन्दू वाहिनी की लठैत बन गयी है. मामला सिर्फ प्रार्थना रोके जाने का ही नही हैं बल्कि विदेश से आए उन पर्यटकों का भी है जिसको अतिथि भव कहकर पर्यटन विभाग स्वागत करने का विज्ञापन जारी करता है और युवा वाहिनी के लम्पट और गुंडे पुलिस के साथ मिलकर उनको परेशान कर रहे हैं. उन्होंने कहा की चर्च पर हमला करना हिन्दू युवा वाहिनी और आदित्यनाथ योगी की पुरानी सांप्रदायिक जेहनियत का उदाहरण है. इसाई मिशानरियों पर हमले करने वालों को शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में बगैर किसी भेदभाव के किये गए योगदान को नही भूलना चाहिए जो कल्याणकारी सरकारों से कम नही है.

रिहाई मंच लखनऊ प्रवक्ता अनिल यादव ने लखनऊ के बीकेटी में दलित परिवार के ऊपर हमले की निंदा करते हुए कहा की प्रदेश के मुख्यमंत्री जिस हिन्दू राष्ट्र की तरफदारी करते फिर रहे हैं उसी हिन्दू राष्ट्र की अवधारणा के तहत सवर्ण दलितों पर हमले कर रहे है क्योंकि उनको पता है की मुख्यमंत्री जी उनके समर्थक हैं. उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश के मुख्यमंत्री के ऊपर गंभीर अपराधिक मुकदमें दर्ज हो वह कानून व्यवस्था क्यों ठीक करेंगे. योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद जिस तरह से आगरा, प्रतापगढ़ और फिरोजाबाद में पुलिसकर्मियों की हत्या हुई है वह योगी की कानून व्यवस्था की सच्ची तस्वीर है.

द्वारा जारी
अनिल यादव
प्रवक्ता, रिहाई मंच लखनऊ
मो न - 8542065846