तकनीकी भर्ती के लिए गैर तकनीकी पाठ्यक्रम का अजब एलान... भाजपा सरकार (राजस्थान) भी गजब कारनामे कर रही है आजकल। बिजली विभाग में जे ईन और ए ईन की भर्तियां निकाली गयी हैं।
चूंकि बिजली विभाग एक तकनीकी विभाग है तो इंजीनियर भी तकनीकी ज्ञान वाले होने चाहिए पर भाजपा शाषित ऊर्जा मंत्रालय मानता है कि किसी भी प्रकार का तकनीकी ज्ञान भर्ती के लिए नहीं चाहिए। विद्युत विभाग के तकनीकी निर्देशक आलोक शर्मा को जब यह पूछा गया तो वह बोले "अलग अलग यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग का अलग अलग पाठ्यक्रम हैै ।इसी कारण विवादों से बचने के लिए सबका common सेलेबस किया गया है।" बड़ी वाहियाद दलील है इनकी। उनको मालूम नहीं कि AICTE , IIT, NIT द्वारा एक पाठ्यक्रम बनाया जाता है जो कि लगभग हर इंजीनियरिंग संस्थान follow करता है।

अगर ENGINEERING के उच्च पदों पर टेक्निकल सिलेबस को पूर्णतया नकारकर पूरा नॉन टेक्निकल सिलेबस दे ही दिया तो फिर Qulification में भी B.Tech मांगने की क्या जरूरत थी ।सभी स्नातकों को परीक्षा में बैठा देते!! परीक्षा केंद्र भी राजस्थान के बाहर रखे गये हैं। यह भी शायद पहली बार हो रहा है कि किसी राज्य की राज्य स्तर की परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र   राज्य के बाहर रखे गए हों। सामान्यतया हर राज्य में दुसरे राज्यों के प्रतियोगियों के लिए 10% सीटें ही रिज़र्व होती हैं । इस भर्ती में  ये प्रावधान भी गायब कर दिया गया । पहले वरीयता के हिसाब से 5 कंपनियां/निगम भरे जाते थे । अब नियम ये बनाया गया है कि प्रतियोगी केवल एक ही कंपनी में अप्लाई कर सकते है यानि सभी कंपनियो की cut off अलग अलग होगी यानि एक ही विभाग की, एक ही सिलेबस से, एक जैसी ही पोस्ट के लिये अलग अलग सरकारी कंपनियों में cut off अलग अलग!! वाह रे अच्छे दिन!!

सुरेश कुमार बिजारणियां
M Tech, B Tech
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