Home समाज-सरोकार फेसबुक तथा अन्‍य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए डा. नूतन ठाकुर ने दिया आवेदन

फेसबुक तथा अन्‍य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए डा. नूतन ठाकुर ने दिया आवेदन

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थाना सिविल लाइन्स, मेरठ में फेसबुक नामक सोशल नेटवोर्किंग साइट पर “EveryBody Draw Gando Gay Ram, Krishna and Randi Sita and all Bhagwan Photos (एवेरी बॉडी ड्रा गाँडो, गे राम कृष्ण, रंडी सीता एंड आल भगवान)” नाम से चल रहे एक ग्रुप के आपराधिक कृत्य के सम्बन्ध में फेसबुक कंपनी तथा अन्य के विरुद्ध अंतर्गत धारा 153, 153 A(1) (a), 153 A(1)(b), 153 A(1)(c), 153-B, 290, 504, 505 (1), 505 (2),506 आईपीसी तथा धारा 66 A इन्फोर्मेशन टेक्नोलोजी एक्ट 2000 मुक़दमा दर्ज करने हेतु आईआरडीएस सचिव डा. नूतन ठाकुर द्वारा आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया है.

उनके द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में यह कहा गया है कि फेसबुक सोशल नेटवोर्किंग साईट इन्टरनेट के माध्यम से हमारे देश में भी सारे कंप्यूटरों पर प्रदर्शित होता है. इसके सदस्य अलग-अलग ग्रुप (समूह) बनाते है, जिनमें “एवेरीबॉडी ड्रा गाँडो, गे राम कृष्ण, रंडी सीता एंड आल भगवान” भी है. इसमें कई गंदे और भद्दे शब्दों और गालियों का खुलेआम प्रयोग किया गया है. ये अत्यंत गन्दी और अशोभनीय गालियाँ हिंदू देवी-देवताओं, हिंदू धर्म, हिंदू धर्मावलंबियों, मुस्लिम धार्मिक प्रतिबिम्बों, इस्लाम तथा मुस्लिम लोगों के लिए प्रयुक्त की गयी हैं. इन गालियों के जरिये हिंदू देवी-देवताओं, हिंदू धर्म, हिंदू धर्मावलंबियों, मुस्लिम धार्मिक प्रतिबिम्बों, इस्लाम तथा मुस्लिम लोगों की प्रतिष्ठा तो धूमिल की ही गयी है, साथ ही इनके द्वारा समाज में विद्वेष बढ़ाने, लोगों को गलत ढंग से उकसाने, लोगों को विचार-समूहों और अन्य आधारों पर बांटने का प्रयास भी किया गया है.

प्रार्थना पत्र में इस प्रकरण में मुख्य भूमिका बादशाह खान, मेहर जाज, शेख असीम, निलेश शेलर, विजय चौधरी, योगी सेवक, ज़हील, रोहित राम राव पाटिल तथा अन्य नामित किये गए हैं. अन्य नामों से साफ़ है कि ज्यादातर लोगों ने स्पष्टतया फर्जी नामों से यह ग्रुप बनाया है या इसमें शिरकत कर रहे हैं. इन व्यक्तियों के अतिरिक्त फेसबुक इंक, मुख्यालय पालो अल्टो, कैलिफोर्निया, यूएसए को इस प्रकार प्रदान किये जा रहे सेवा के माध्यम से किये जा रहे इस आपराधिक कृत्य के प्रति जानबूझ कर आँखें मूंदे रखने और इस आपराधिक कृत्य के बारे में जानकारी हो जाने के बाद भी उसके प्रति आवश्यक कदम नहीं उठाने के लिए आपराधिक तौर पर जिम्मेदार बताते हुए मुज्लिम बताया गया है.

ज्ञातव्य हो कि इसके पहले भी फेसबुक पर एक ऐसे ही ग्रुप “आई हेट गाँधी” के सम्बन्ध में भी फेसबुक तथा कई अन्य लोगों के खिलाफ थाना गोमतीनगर, लखनऊ में एक मुक़दमा पंजीकृत हुआ था, लेकिन अब तक उस मामले में भी कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ऐसा लगता है कि ऐसे लोगों का मन बढ़ा हुआ है.

उपरोक्त तथ्यों के आधार पर धारा 153 (जान बूझ कर जब परिद्वेश से अथवा स्वैरिता से प्रकोपित कोई कार्य, यदि इसके कारण किसी प्रकार का दंगा नहीं हुआ हो), 153 A(1)(a), 153 A(1)(b), 153 A(1)(c)- (विभिन्न समूहों में धर्म, मूलवंश, जाति, जन्म स्थान, समुदाय या कसी भी अन्य कारण से नफरत और शत्रुता पैदा करना), 153-B (राष्ट्र की अखंडता तथा राष्ट्रीय एकता को नुकसान करने हेतु  गलत ढंग से प्रभावित करने वाले वक्तव्य देना या कृत्य करना), 290 (लोक न्यूसेंस के लिए दंड जब अन्य कोई स्थिति नहीं दी गयी हो), 504 (जानबूझ कर किया गया अपमान जिससे लोक शांति भंग होन संभावित हो , 505 (1), 505 (2) (लोक रिष्टिकरक वक्तव्य) ,506 (आपराधिक अभित्रास) आईपीसी तथा धारा 66 A इन्फोर्मेशन टेक्नोलोजी एक्ट, 2000 के अंतर्गत अपराध पंजीकृत करने हेतु आवेदन पत्र दिया गया है.

 

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