राज कुमार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अर्थात आरएसएस की अपनी एक ऐसी पृष्ठभूमि है, जिसके तहत देश ही नहीं, दुनिया में यह एक अनुशासित संगठन के रूप में जाना जाता है। आरएसएस से जुड़े कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संयमी माना जाता है और उन्हें संयमित शब्दावली के लिए जाना जाता है, लेकिन आरएसएस द्वारा पूरे देश में भगवा आतंकवाद के खिलाफ मोर्चाबंदी के दौरान मध्यप्रदेश के भोपाल में संघ के पूर्व सरसंघचालक के. एस. सुदर्शन ने जो कुछ यूपीए अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के खिलाफ कहा, उससे देश का राजनीतिक माहौल ही गरमा गया है। शुक्रवार को देश भर में आरएसएस ने धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया और केन्द्र की यूपीए सरकार तथा भगवा आतंकवाद संबंधी बयान देने वाले गृहमंत्री पी. चिदंबरम को खरी-खोटी सुनाई।

यूं तो इस विश्व के कई ऐसे भू भाग हैं जिन पर स्वामित्व और आधिपत्य की जंग सदियों से चली आ रही है, किन्तु कुछ भौगोलिक भाग ऐसे भी है  जिन पर अनावश्यक रूप से कलह पैदा की गई, जिससे कि किसी देश के अभिन्न अंग ये भू भाग विवादित हों तथा विश्व समुदाय को उन देशों के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने का मौका मिले और इस बहाने कलह पैदा करने वाले देश अपना उल्लू सीधा कर सके. किसी भी राष्ट्र के भू भाग पर दावा ठोंकने वाले देशों की अगर गिनती की जाये तो भारत की भूमि को अपना बताने वाले देशो की संख्या सबसे ज्यादा है, वस्तुतः भारत का प्रत्येक पड़ोसी देश भारत के किसी न किसी अंग पर अपना मालिकाना हक प्रस्तुत करता ही रहता है, चीन जो कि भारत का एक बड़ा भू भाग कब्जाए बैठा है गाहे-बगाहे अरुणाचल को अपना हिस्सा बताने से नहीं चूकता और पाकिस्तान तो अरसे से कश्मीर को जिन्ना की मिलकियत समझता ही चला आ रहा है.