पंजाब में इन दिनों मांगें मनवाने के लिए अजीबो-गरीब तरीके अपनाए जा रहे हैं। मसलन सरकार पर दबाव बनाने के लिए कोई पेट्रोल की बोतल और माचिस लेकर पानी की टंकी पर चढक़र आत्मदाह की धमकी दे रहा है तो कोई बहुमंजिला इमारत पर चढक़र वहां से कूदने की धमकी देकर मांग मंजूर करने को कह रहा है। शोले फिल्म की तर्ज पर धमकी का यह फार्मूला कुछ मामलों में सफल भी रहा है। पिछले दिनों हड़ताली कर्मियों ने ऐसा किया तो पंजाब सरकार की जान सांसत में आ गई, यकीन माने उनकी नौकरी की मांग मंजूर हो गई और टंकी पर चढ़े लोगों को नियुक्ति पत्र थमाए तब कहीं जाकर नीचे उतरे। यह तो बात हुई कर्मचारियों की जीत की लेकिन पंजाब के कपूरथला में महिलाकर्मियों ने टंकी पर चढक़र जब दबाव बनाने का प्रयास किया तो हाथ में आग और पेट्रोल की बोतल लिए एक महिला आग की चपेट में आ गई और बुरी तरह से झुलस गई बाद में उसकी मौत भी हो गई।

अब नया मामला पंजाब से ही है। मोहाली जिले का छोटा सा गांव नगला है जो जीरकपुर और पंचकूला के करीब पड़ता है। यहां का अवतार सिंह नगला नामक शख्स अपनी मांग मनवाने के लिए मुख्यमंत्री प्रकाशसिंह बादल से मिलने की जिद के लिए सफेदे के पेड़ पर बैठा है। एक सप्ताह से ज्यादा अर्से से वह पेड़ पर ही रह रहा है। पेड़ पर चारपाई लगाकर और खाने-पीने का पूरा सामान भी है। कोई जोर जबरदस्ती करके उसे नीचे ना नांगलाउतारे इसके लिए उसने कुल्हाड़ी और पत्थर आदि भी पास में रखे हुए हैं। दोनों समय का भोजन उसकी पत्नी ला रही है, वह मजे से ऊपर खींच लेता है और लंबी तानकर सोता है। मोबाइल का भरपूर इस्तेमाल कर रहा है और मीडियाकर्मियों से लंबी लंबी बातचीत करके अपना दुखड़ा सुना रहा है। मजेदार बात है कि उस पर कुछ लोगों ने लाखों रुपए की ठगी के आरोप लगाए हैं और बाकायदा इसके लिए शपथ पत्र दिए हैं। अवतार सिंह ठगी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहता है कि वह ऐसा नहीं है उसने किसी से कोई पैसा नहीं लिया बल्कि लोगों को नौकरी के लिए रास्ता दिखाया है पैसे लेने वाले कोई और लोग है।

अवतार पेड़ पर क्यों चढ़ा और उसकी मांग क्या है और वह मुख्यमंत्री प्रकाशसिंह बादल से ही क्यों मिलना चाहता है पर उसकी ही जुबानी सुनें। तीस साल पहले सरकार ने जमीन अधिग्रहीत की लेकिन उसका पूरा मुआवजा उनके परिवार को नहीं मिला। सरकारी अफसर कहते हैं कि कागजों में उसके दादा ने सारा पैसा लिया है तो वह कहता है सब झूठ है। वह मुख्यमंत्री प्रकाशसिंह बादल को सारे मामले से अवगत कराना चाहता है ताकि उसको मुआवजा मिल सके। वह स्पष्ट कहता है कि जब तक मुख्यमंत्री प्रकाशसिंह बादल यहां नहीं आते, उसकी बात नहीं सुनते और उसे मुआवजा देने का आदेश नहीं देते वह पेड़ पर ही रहेगा और उसकी लाश ही नीचे आएगी। हैरानी की बात यह है कि अब तक प्रकाशसिंह बादल के पास अवतार सिंह नगला की बात पहुंची नहीं है। जिला प्रशासन और पुलिस के हाथ पांव कुछ दिन तक तो फूले रहे लेकिन अब लगता है उन्हें भी कोई डर नहीं,  उन्हें लगता है कि अवतार देर सबेर अपने आप नीचे उतर आएगा। नकली निदेशक बनने, गाड़ी में लाल बत्ती लगाने और काली फिल्म लगाने के आरोप में उसके कई बार चालान हो चुके हैं।

महेंद्र सिंह राठौड़ की रिपोर्ट.