Pradhanji.com

Home तेरा-मेरा कोना इस पॉवर प्‍लांट में धुंआ नहीं मस्‍ती है

इस पॉवर प्‍लांट में धुंआ नहीं मस्‍ती है

E-mail Print PDF

अमेरिकी बस: मेरी विदेश डायरी 5 :  सीनियर सिटीजन का शब्द का इस्तेमाल 80 साल की उम्र के ऊपर के लोगों के लिए है : इनर हर्बर का नीला पानी दूर से दिखता है : अमेरिका में आपको खण्डहर नहीं मिलेंगे। समृद्धि और भव्यता यहाँ की अत्याधुनिक इमारतों में साफ दिखती है लेकिन बदमिजाज अमेरिकी इतिहास को बचाए रखने की कला में माहिर हैं। सौ साल पहले यहां पॉवर प्लांट था। कोयले से बिजली बनती थी। बिजली घर पर लगी ऊंची-ऊंची चिमनियां इसकी गवाह हैं। पॉवर प्लांट बंद हो गया लेकिन इमारत ज्यों की त्यों है। पूरी इमारत निजी हाथों में सौंप दी गई। अब यह जगह इनर हर्बर में आकर्षण का केन्द्र बन गई है। मौज मस्ती से लेकर संगीत और खेल से लेकर अध्ययन तक सारी सुविधाएँ इस बंद हो चुके पॉवर प्लांट की इमारत में मुहैया हैं।

कान्फ्रेंस ठीक शाम छह बजे खत्म हुई। हल्की बूंदाबांदी भी है। कैम्पस से इनर हर्बर जाने वाली बस में दाखिल होता हूं। अमेरिका की सिटी बसें भी दिलचस्प हैं। इनमें कंटक्टर नहीं होते। ड्राइवर के पास एक स्वाइप मशीन लगी है और डॉलर डालने के लिए वैडिंग मशीन भी।बीस मिनट के सफर का किराया दो डालर। यानी करीब 94 रुपया। और यकीन मानिए इसके बदले आपको टिकट भी नहीं मिलेगा। बस लगभग खाली है। अगली सीट पर बैठ जाता हूं। सीट के पीछे अंग्रेजी में लिखा है-विकलांग और वृद्धजनों के आने पर कृपया सीट खाली कर दें।

याद दिला दूं यहां सीनियर सिटीजन का शब्द का इस्तेमाल 80 साल की उम्र के ऊपर के लोगों के लिए है। अगले स्टाप पर बस रुकती है। अचानक ड्राइवर अपनी सीट से उठकर पीछे आता है। दो सीटों को फोल्ड करके वह थोड़ी जगह बनाता है। फिर ड्राइविंग सीट पर आकर बैठ जाता है। वह स्टेयरिंग के बगल में लगे एक बटन को दबाता है। बैट्री से चलने वाली एक चेयर-साइकिल बस के दरवाजे से अंदर दाखिल होती है। और वहां जाकर खड़ी हो जाती है जो जगह अभी कुछ देर पहले ड्रावर ने उनके लिए खाली की थी। अश्वेत मार्टिन ने बताया कि उनका एक पैर दुर्घटना में चला गया था। तब से वह इस बैट्री चेयर पर है। अगले स्टाप पर मार्टिन को उतरने के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती। वह दरवाजे तक आते हैं। बस के स्टेयर लिफ्ट की तरह ऊपर आ जाते हैं। मार्टिन की बैट्री चेयर खामोशी से नीचे फुटपाथ पर उतर आती है। स्टेयर वापस अपनी जगह फिक्स हो जाते हैं।

इनर हर्बर का नीला पानी दूर से दिखता है। पॉवर प्लांट की ऊँची सी इमारत पर एक बड़ा सा गिटार टंगा है। नीचे लिखा है हार्ड रॉक। ये एक ओपन रेस्त्रां है जहाँ रॉक संगीत को सुनने दूर-दूर से लोग आते हैं। रेस्त्रां में बैठिए तो पूरा हर्बर का नजारा दिखेगा। सामने चल रहे तेज लाइव रॉक म्यूजिक का आंनद लीजिए। ऊँची कुर्सियों पर बैठ कर यहां कोई भी सी-फूड और बियर या वाइन का लुत्फ ले सकता है। तेज शोर में भी काले रंग की शार्टस-टी शर्ट पहने खूबसूरत बार बालाएँ आपकी पुकार सुन लेंगी। हमारे साथ गए डेनिस बताते हैं कि ये सब स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियां हैं जो समर वकेशन्स में रेस्त्रां और बार में नौकरियां करती हैं। स्कूल खुल जाएँगे तो ये रेस्त्रां कैसे चलेंगे? डेनिस बताते हैं कि यहाँ पार्ट टाइमर्स लड़कियों की कभी कमी नहीं रहती।

इसी इमारत में बार्नेस एंड नोबल बुकस्टोर है और गोल्ड जिम भी। इस बुक स्टोर और जिम की चेन पूरे अमेरिका में है। चिमनियां बंद पड़ी हैं लेकिन इस प्लांट से पैदा होने वाली ऊर्जा अमेरिकयों के रगों में अब तक बह रही है।

शाम गहरा गई है। वापसी में सिटी बस पर अधिकांश यात्री अश्वेत हैं। सामने एक अश्वेत महिला है। हाथ में बियार का ग्लास लिए ऊंघ रही है। एक गोरा लड़का आई पेड पर वीडियो गेम में जुटा है। पीछे स्कूली लड़कियां बैठी आपस में हंस रही हैं। शायद बेस बाल खेलकर लौट रही हैं। जो अकेले बैठे हैं उनके कानों में इयरफोन लगे हैं। वह शायद संगीत सुन रहे हैं। खाली कोई नहीं। अमेरिकी अपने खुद के साथ अकेले रहना नहीं चाहते। शायद वह अपने आप से घबराते हैं। यही अमेरिका का सच है।

दयाशंकर शुक्ल सागर 'दैनिक हिंदुस्तान' लखनऊ में विशेष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं. सागर को अमेरिका की जोन्स हापकिंस यूनिवर्सिटी ने फैलोशिप-2010 के लिए चयनित किया है. इन दिनों वे अमेरिका की यात्रा पर हैं.

Comments
Add New Search RSS
Write comment
Name:
Email:
 
Title:
:D:angry::angry-red::evil::idea::love:
:x:no-comments::ooo::pirate::?::(
:sleep::););)):0
 

Latest

Popular