Home बातों बातों में मूर्ख बने रहने का सुख

मूर्ख बने रहने का सुख

E-mail Print PDF
User Rating: / 0
PoorBest 

“मुझे क्या पता” का मंत्र जपो, जीवन में सफल रहो : न संतान का... न सम्पत्ति का... न यश का... न श्रेय का... दुनिया में सबसे बड़ा कोई सुख अगर है तो बस मूर्ख बने रहने का सुख है। आप माने न मानें मूर्ख दिखने और बने रहने में (मूर्ख होने में नहीं) जो अदभुत सुख है वो दुनिया के किसी भी विलास-ऐश्वर्य मे नहीं है। मूर्ख दिखने के फायदे तो आपको कई लोग बताएंगे पर आपको बताते हैं कि कैसे बना जाता है मूर्ख और किस तरह से दुनिया भर में तमाम अक्लमंद लोग मूर्ख बन कर मज़े से ज़िंदगी गुज़ार रहे हैं.....

महंगाई चरम पर है, सरकार मू्र्ख बनी बैठी है.... कहती है हमें नहीं पता महंगाई कैसे आई, यह भी नहीं पता कैसे जाएगा.... हम तो मूर्ख हैं.... अब समझेगी तो दुख होगा, सो बने रहो मूर्ख.... सीधे सादे आदिवासी कैसे बन गए माओवादी? ...हमें नहीं पता कैसे बन गए... जा कर उन्हीं से पूछिए... हमें समझ कर क्या करना... समझेंगे तो अपने ज़ुल्मों का... उपेक्षा का... अत्याचारों का हिसाब भी देना पड़ेगा.... सो बने रहो मूर्ख....

महिला आरक्षण बिल राज्यसभा से गिरा तो लोकसभा में अटक गया... नेता जी से पूछा कि क्यों हुआ भई ऐसा... नेताजी बोले... हमें तो पता ही नहीं... लो भई मस्त रहो... बने रहो मूर्ख....

दो दिन पहले तक आयशा सिद्दीकी, शोएब मलिक की आपा थीं... अब उनको तलाक दे दिया.... दो दिन में आपा... बेगम बन गई... शोएब बोले हमें नहीं पता... जवाब ढूंढ लेंगे पहले सानिया से निकाह हो जाए... सो बने रहो मूर्ख....

टीवी चैनल दो दिन पहले चिल्ला रहे ते ये शादी नहीं हो सकती... अब कह रहे हैं सानिया तेरी अंखिया सुरमेदानी.... पब्लिक बोली ऐसा क्यों... रिपोर्टर बोले पता नहीं... बढ़िया है बने रहो मूर्ख....

न्यूज़रूम में आउटपुट हेड चिल्ला रहा है... इतनी ज़रूरी बाइट कैसे मिस हो गई..... कौन कटवा रहा था पैकेज.... रनडाउन प्रोड्यूसर कहता है... सर पता नहीं.... बच गए... बने रहो मूर्ख....

बहन जी (अपनी यूपी वाली) के गले में किसी ने नोटों की माला डाल दी... ऐसी वैसी नहीं... 1000-1000 के नोटों की... सबने अपनी औकात के हिसाब से कीमत लगाई.... किसी ने दस हज़ार तो किसी ने दस करोड़ की बताई... जब अदालत से लेकर एजेंसियों तक सब पूछेंगे कि किसने पहनाई माला... तो बहन जी के साथ उनके चमचे कहेंगे... हमें पता ही नहीं.... सही है बने रहो मूर्ख....

अफगानिस्तान.... ईराक.... तबाह हो गए... जहां तहां देखो बम या तो गिर के फटते हैं... या फट के गिरते हैं.... कभी-कभी उसमें आतंकी भी मर जाते हैं... और ज़्यादातर बच्चे और महिलाएं.... और जब अंकल सैंम से पूछा जाता है कि क्यों भई आपकी फौजें ये क्या कर रही हैं... तो वो अंग्रेज़ी में बुदबुदा देते हैं.... ''हमें नहीं पता....'' लगे रहो.... बने रहो मूर्ख... शाबास....

पिताजी खोपड़ी पर हाथ धरे चीख रहे थे.... कलपते हुए हमसे बोले... इस बार तो तीन ट्यूशन लगवाई थी... फेल कैसे हो गए... हमने धीरे से कहा... पता नहीं कैसे.... बच गए.... बने रहो मूर्ख....

गाड़ी पार्क कर रहे थे... पीछे खड़ी गाड़ी को ठोंक दिया.... वो उतर कर आया... बोला ये कैसे हुआ.... हमने भी कह दिया... भाई साहब... हमें पता नहीं चला कि पीछे आप थे.... जे बात... बने रहो मूर्ख....

दरअसल मूर्खता में ही असली आनंद है... दुनिया भर की तमाम मुश्किलों से निजात का सबसे आसान तरीका है.... मूर्ख बन जाओ.... हर बात पर एक ही जवाब दो...''हमें नहीं पता...'' आपको बताऊं कि दुनिया में इससे ज़्यादा मूर्खतापूर्ण कोई जवाब नहीं हो सकता है.... पर ज़्यादातर मौकों पर ये सबसे समझदारी भरा जवाब साबित होता है.... और आपको आने वाली मुसीबतों से साफ बचा ले जाता है....

और अब कि जब कोई अच्छा ब्लॉगर ब्लॉगिंग छोड़े.... और आप पर सवाल उठें.... आपकी की गई बेनामी टिप्पणियों को लेकर लोग आप पर ही शक करें.... असभ्य भाषा का प्रयोग मयंक सक्सेनाकरने पर आपसे लोग शिकायत करें... कि “क्यों हे ब्लॉगर....तूने ऐसा क्यों किया....”……. तो आप चुपचाप मूर्ख बन जाइएगा और सर्वबाधाहारी सुनहरा मंत्र दोहरा दीजिएगा....''मुझे नहीं पता....''

लेखक मयंक सक्सेना प्रतिभावान युवा पत्रकार हैं.

Comments
Add New Search RSS
Anonymous 2010-04-16 15:10:47

:ooo:
very good
puran chand 2010-05-10 15:01:58

hume nahi pata :D
pata nahi
om prakash singh mcu 2010-04-16 19:12:14

aachachha prayas hai duniya ko sach dikhane ka........... :ooo:
wow sir nice to see ur words
anurag mishra 2010-04-16 19:26:32

i think that really makes us indolent
anurag mishra 2010-04-16 19:27:08

i think that really makes us indolent


anurag mishra DIGI cable Allahabad
rajesh ranjan 2010-04-16 21:32:19

bahut khoob mayahk ....
Anonymous 2010-04-17 13:00:48

:ooo:
aida bane raho
dilip 2010-04-17 19:24:44

bhaiya isliya to kahte hai.....

kam mat kar ,kam ki fikar kar,aur fikar se jyada boss se kam ki jikar kar. bane rahe aid aur khate rahe peda.
सब चलता है.....................
आपका बन्धु... 2010-04-18 02:46:07

अरे मयंक भइया....ऑल इज वेल.....

उपर-नीचे चलता रहता है....कोई बात नहीं....

बने रहो पगले....काम करे अगले......

थरूर बड़बोले हैं...तभी ज्यादा आफत मोल लेते हैं.......इसलिए दादा..आप समझ रहे हैं ना मैं क्या कहना चाहता हूं.....
anurag amitabh 2010-04-18 13:40:58

nice mayank
मुर्ख बने रहिओ भाई...
Deepak sharma 2010-04-19 10:53:06

आपने ये लेख लिखकर सिद्ध करने का प्रयास किया है कि दुनिया गोल है... एक लाईन में भी लिख देते तो मैं समझ जाता कि आप कहना क्या चाहते हैं....
wah bhai wah....
kaushi singh 2010-04-21 20:10:37

maja aa gaya sir

1 aur path padhane ke liye dhanyawad
is lekh par kya kahoon pata nahin
dharmendra srivastava cneb 2010-04-24 23:42:36

hamne kewn padh liya pata nahin, par main moorkh nahi bana, accha laga... ek bar ek aadmi doosre se poocha ye kiski vibi hai, agla bola pata nahin doosra aadmi uski vibi ko apne sath le gaya
Anonymous 2010-04-25 19:56:14

:D :angry: :D
Anonymous 2010-04-27 12:27:58

:angry:
sometimes true for all people.
Anshuman Shrivastava 2010-04-30 22:57:11

;)) very practical for politician....
सच है...
एक उगता हुआ मूर्ख 2010-05-02 13:40:03

वाकई में सुख है मूर्ख बने रहने में..... पर क्या आप भी इसका उपयोग कर रहे हैं......?????
क्या आप भी इस वाक्य का प्रयोग करते हैं???
arun saroha 2010-05-02 17:31:50

namaste sir.pehli baar aapka likha kuchh padha.man gadgad ho gaya
Good rules for success
aseem agrawal 2010-05-02 18:53:18

all is well sir ji..................bahoot acchi cheez aapne bataayi hai... mere liye to ye 1dum sateek farula hai....or agar log iska sahi use kare to it's good foe every one in right time :D :D :D :D :love:
Kuch Sujav hamare bhi
Arun Samaniya 2010-05-05 19:48:38

such kha aap ne apni in thodi si pangtiyo mein, such duniya gol hai, jab golgol gumna hi hai to bhi aage kyo dekhe bas jo hota hai hone dein
murkh banna hi swabhavik hai
Darshan Mani 2010-05-07 16:21:13

:idea: murkh bane rahna hi aaj k time me(khasker media line me) kamyabi ki pehchan hai
murkh hi to akal mand hai
anil jagga 2010-05-09 23:09:07

all is well sir ji..................bahoot acchi cheez aapne bataayi hai... midia bhi to murkh hi bana raha hai :ooo: :angry: :D
dinesh sharma 2010-05-14 14:12:44

:) good
only check
Arun samaniya 2010-05-18 09:36:02

Accha hai bhi kuch to samaj aya hi
Anonymous 2010-08-03 20:50:00

sacchai pr chot krne ka tareeka accha hai :D
agree
mayank 2010-08-14 19:57:56

aap ne bilkul mast likha hai. aapko badhai
Anam 2010-09-10 21:56:34

Be a duffer never suffer
too gud....
jyoti 2010-09-15 13:21:51

very gud mayank....
Write comment
Name:
Email:
 
Title:
:D:angry::angry-red::evil::idea::love:
:x:no-comments::ooo::pirate::?::(
:sleep::););)):0
Please input the anti-spam code that you can read in the image.
 

latest20

popular20

We have 7 guests online