मुख्य बात
 

माया की महामाया को हर कोई नहीं समझ सकता

माया की महामाया को हर कोई नहीं समझ सकता

: गोनू झा कहिन (दो) : एक दिन भरी दोहपर में ही गोनू झा अपना पोथी-पत्रा का भंडार खोल कर सड़क के बीच में ही बैठ गए. जनता परेशान कि उनको अचानक क्या हो गया. आखिर में गाँव के सरपंच से रहा नहीं गया. उसने जाकर पूछ ही लिया कि पंडित जी ये क्या कर रहे हैं. बस क्या...

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अपनी गीतों में कबीरी छोड़ गए शैलेंद्र

जिन्दगी के मायने जिसने आखों से देख अपने जेहन और कलम से अपने गीतों में उकेरा एक ऐसा ही नाम शैलन्द्र का है। ‘तू ज़िन्दा है तो ज़िन्दगी की जीत में यकीन कर, अगर कहीं है तो स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर’ 1950 में लिखे इस गीत में भविष्य की सम्भावनाओं और उसके संघ...

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चंबल के बीहड़ों में गूंजने दो बेटी की किलकारी

चंबल के बीहड़ों में गूंजने दो बेटी की किलकारी

मैं मध्यप्रदेश के ऐसे इलाके से ताल्लुकात रखता हूं, जो कई बातों के लिए सुविख्यात है और कुख्यात भी है। ग्वालियर का किला और यहां जन्मा ध्रुपद गायन ग्वालियर-चंबल संभाग को विश्वस्तरीय पहचान दिलाता है। वहीं मुरैना का 'पीला सोना' यानी सरसों से भी देशभर में ...

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मीडिया संस्‍थानों को पत्रकार नहीं लेबर चाहिए

हाल ही में अमर उजाला ने ट्रेनी पत्रकारों की भर्ती हेतु एक विज्ञापन प्रकाशित किया, जिसमें उसने 23 साल तक के ऐसे नवयुवकों और युवतियों से आवेदन मांगे हैं, जो किसी भी विषय से केवल स्‍नातक हों और पत्रकारिता में आने का जज्‍बा रखते हों। पत्रकारिता में डिग्र...

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...कहीं तेलगी वाला हाल न हो जाए हसन अली का

...कहीं तेलगी वाला हाल न हो जाए हसन अली का

क्या हसन अली बीमार है? या फिर बीमारी का बहाना कर रहा है। उसके वकील की मानें तो उसे लकवा (पक्षाघात) मार दिया है। पर जेल प्रशासन इसे अफवाह बताकर खारिज कर रहा है। सच्चाई क्या है यह तो सही जांच से ही पता चलेगा लेकिन इस सब के बीच इससे जुड़ी कुछ जानकारियां...

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कश्‍मीर तो होगा, लेकिन पाकिस्‍तान नहीं होगा

फेमस होने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते? तथाकथित राजनेताओं पर वोट बटोरने का ऐसा बुखार चढ़ जाता है कि उन्हें सारी हदें पार करने से भी कोई गुरेज नहीं होता. परिणामतः वो हल्की राजनीति करने पर उतर आते हैं. जान-बूझकर कश्मीर जैसे अत्यंत संवेदनशील मुद्दों प...

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46 साल बाद माफीनामा!

46 साल बाद माफीनामा!

: ये कहानी सिर्फ पायलट कैस हुसैन और फरीदा सिंह की ही नहीं है, आम जज्बातों की अभिव्यक्ति भी है : पिछले दिनों पाकिस्तानी वायुसेना के पूर्व पायलट कैस हुसैन ने जब 46 साल के बाद उस हमले के शिकार पीडित परिवार की बेटी को पत्र लिखकर माफी मांगी जिस में गलती से ...

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हिन्‍दू ने ललद्यद तो मुस्लिमों ने लाल अरीफा में खोजी आस्‍था

हिन्‍दू ने ललद्यद तो मुस्लिमों ने लाल अरीफा में खोजी आस्‍था

: शाहन के शाह : सूफी संतों ने दिलायी मिटती पहचान एक महामनीषी को : वह पगली-सी महिला तो अपने में मस्‍त थी। लेकिन कुछ शरारती बच्‍चों ने उसे छेड़ना शुरू कर दिया। पगली ने कोई प्रतिकार नहीं किया। यह देखकर बच्‍चे कुछ ज्‍यादा ही वाचाल हो गये। पूरे इलाके में यह...

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फिर पढ़ी जाएगी हिंदी की बदहाली पर मर्सिया

फिर पढ़ी जाएगी हिंदी की बदहाली पर मर्सिया

औपचारिक समारोह का प्रतीक बनकर रह गया है-हिन्दी दिवस, यानी चौदह सितम्बर का दिन। सरकारी संस्थानों में इस दिन हिन्दी की बदहाली पर मर्सिया पढ़ने के लिए एक झूठ-मूठ की दिखावे वाली सक्रियता आती है। एक बार फिर वही ताम-झाम वाली प्रक्रिया बड़ी बेशर्मी के साथ दुह...

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नेता, जेल और अस्‍पताल का खेल

नेता, जेल और अस्‍पताल का खेल

: गोनू झा कहिन (तीन) : विगत एक हफ्ते से गोनू झा ने गाँव के चौपाल में आ कर बैठना शुरू कर दिया क्यों कि वहां पर उनको सारे पुराने पंच, उनके समर्थक और एक दो मसखरे भी बैठे मिल जाते हैं और फिर कुछ न कुछ बात का बतंगड़ बन ही जाता है. कल शाम कर्नाटक के पूर्व मु...

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